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मृत जमाकर्ताओं के जमा खातों में जमा राशि की निकासी के लिए दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के महत्वपूर्ण कदम

Harvinder Arora

मृत जमाकर्ताओं के बैंक जमा खातों में जमा राशि की निकासी के लिए दावा प्रस्तुत करने के की प्रक्रिया प्रारम्भ करने के पूर्व परिवार के सदस्यों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण काम अवश्य पूर्ण कर लेने चाहिए:

मृत व्यक्ति के सभी वित्तीय निवेशों (बैंक ज़मा, म्यूच्यूअल फण्ड, बीमा, पोस्ट ऑफिस जमा, NPS , EPF की विस्तार से (डिटेल में) सूची बनाना:

मृत खातेदार के नाम पर विभिन्न बैंको एवं वित्तीय संस्थानों (M F, पी पी ऍफ़, पोस्ट ऑफिस डिपाजिट ) में निवेश की मूल पासबुक / जमा रसीदें / सर्टिफिकेट एकत्र करें।

म्यूच्यूअल फण्ड के फोलियो विवरण जुटाएं: मृतक के सभी फोलियो नंबर और नवीनतम अकाउंट स्टेटमेंट इकट्ठा करें। इन सबकी जानकारी निम्नलिखित जानकारी एक सूची में लिखें:

चेक करें कि मूल पासबुक / जमा रसीदें / सर्टिफिकेट (Investment)  किस किस के नाम पर है (अकेले मृत खातेदार या परिवार के अन्य सदस्य भी सह खातेदार हैं) ?

मूल पासबुक / जमा रसीदें / सर्टिफिकेट में दिखाया गया मॉड ऑफ़ ऑपरेशन कौन कौन सा है ?

प्रत्येक मूल पासबुक / जमा रसीदें / सर्टिफिकेट में नॉमिनी कौन कौन है ?

लॉकर / सेफ कस्टडी में रखा गया सामान किस किस के नाम पर है ? नॉमिनी कौन है ? लॉकर की चाबियां ?

म्यूच्यूअल फण्ड में जमा मृत खातेदार के नाम पर है या परिवार के अन्य सदस्य भी सह खातेदार हैं । कृपया यह भी सुनिचित करे की संयुक्त खातों को चलाने का तरीका (मॉड ऑफ़ ऑपरेशन ) कैसा है ।

बीमा पॉलिसीज मृत खातेदार के नाम पर है या परिवार के अन्य सदस्य के नाम भी हैं । नॉमिनी कौन कौन है

परिवार के सदस्यों को निम्नलिखित की भी जांच कर लेनी चाहिए कि:

(i) क्या कोई वसीयत लिखी गई है?

भारत में उत्तराधिकार (Succession) से संबंधित नियम मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करते हैं कि मृतक ने कोई वसीयत (Will) छोड़ी है या नहीं। यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकार व्यक्ति के धर्म के आधार पर लागू होने वाले व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) के अनुसार तय होता है।

ध्यान दें: यदि वसीयत है लेकिन रजिस्टर्ड नहीं है, तो परिवार के अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों से ‘No Objection Certificate’ (NOC) लेना सबसे सुरक्षित तरीका है ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।

(ii) इन सम्पत्तिओं/ जमाओ पर कोई ऋण बकाया है? यदि है तो ऋणदाता बैंक / संस्था का नाम, बकाया ऋण राशि । मृत्यु दावा प्रस्तुत करने के पहले यह ऋण क्लियर करवा लेना उचित होगा।

(iii) इन सम्पातिओ को लेकर कोई विवाद चल रहा है, यदि हां तो किसी वकील / एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार कार्य कीजिये ।

(iv) किसी कोर्ट का कोई ऑर्डर / कोई अटैचमेंट ऑर्डर ? यदि हां तो किसी वकील / एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार कार्य कीजिये ।

(v) यदि कोई  जमा रसीद (जैसे कि फिक्स्ड डिपाजिट रसीद )किसी ऋण की जमानत में गिरवी रखी हुई है।  या ऋण के अलावा किसी अन्य कारण से गिरवी रखी हुई या फसीं हुई है तो दावा फाइल करने के पहले ऐसी जमा रसीद को डिस्चार्ज रवाना जरुरी है।

(vi) मृत जमाकर्ता के वारिसों की सूची (List) बना लेना चाहिए ।

बैंक / वित्तीय संसथा के अनुसार मूल पासबुक / जमा रसीदें / सर्टिफिकेट/ बीमा पालिसी बांड को छाँट लीजिये एवं बैंक, पोस्ट ऑफिस, संस्था के अनुसार दावा राशि का अनुमान लगा लीजिये क्योकि क्लेम सेटल करने वाली संस्था / बैंक दावा राशि के अनुसार डाक्यूमेंट्स की मांग करते हैं।